Jharkhand: JPSC आंदोलन पर सुदेश महतो का सरकार पर वार, बोले- सत्ता के आराम ने प्रशासन को जनता से कर दिया दूर

आजसू पार्टी के अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने शनिवार को राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विरासत में मिली सत्ता का आराम प्रशासन को आम जनता की समस्याओं से दूर कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का भरोसा नौकरशाही में नजर आ रहा है, जबकि युवा अपने अधिकारों और भविष्य की मांग को लेकर सड़कों पर उतर चुके हैं। सुदेश महतो जमशेदपुर के टाउन हॉल में आजसू पार्टी के दो दिवसीय सम्मेलन के समापन समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। JPSC मुद्दे पर आंदोलन कर रहे युवाओं का उठाया सवाल सुदेश महतो ने रांची में चल रहे JPSC मुद्दे को लेकर युवाओं के आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रमुख के आवास से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर युवा अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी परेशानी की आवाज सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंता का विषय है कि आंदोलन कर रहे युवाओं की आवाज सरकार तक नहीं पहुंच रही है। सरकार को प्रदर्शन कर रहे युवाओं की आवाज सुननी होगी। ‘युवा शक्ति बनेगी झारखंड की ताकत’ आजसू प्रमुख ने कहा कि झारखंड के युवा आने वाले समय में राज्य की ताकत बनेंगे। उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी युवाओं को नेतृत्व प्रदान करेगी और उन्हें अपनी बात रखने का अवसर देगी। सुदेश महतो ने कहा कि पार्टी संगठन में युवाओं को नेतृत्व की भूमिका के लिए तैयार कर रही है। उनका लगातार प्रयास है कि युवा केवल पार्टी के कार्यकर्ता बनकर न रहें, बल्कि उन्हें संगठनकर्ता और नेता के रूप में तैयार किया जाए, त …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

कीव में रूस का भीषण हमला: सर्बिया दौरे पर पहुंचे जेलेंस्की बोले- पैट्रियट मिसाइल के कागजी काम ने बढ़ाई मुश्किल

बेलग्रेड में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेलेंस्की ने रूसी हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि 2025 की तुलना में 2026 में पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइलों की आपूर्ति घटी है। अमेरिका यूक्रेन में ही पैट्रियट इंटरसेप्टर बनाने की अनुमति देने पर सहमत हो गया है। हालांकि, लाइसेंस से जुड़ी कागजी कार्रवाई में काफी देरी हो रही है। जेलेंस्की के मुताबिक, पैट्रियट ही एकमात्र ऐसा सिस्टम है जो बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिरा सकता है।दूसरी ओर, सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने जेलेंस्की का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने यूक्रेन को ‘मित्र राष्ट्र’ बताया। वुसिक ने दोहराया कि सर्बिया यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है। रूस पर प्रतिबंध न लगाने को लेकर यूरोपीय संघ सर्बिया पर लगातार दबाव बना रहा है। वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने यूरोपीय संघ में शामिल होने के प्रयासों और द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने रात भर में 151 ड्रोन और छह बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। कीव के उत्तर-पूर्व स्थित ब्रोवारी जिले में ड्रोन हमले से एक घर पूरी तरह मलबे में बदल गया। इस हादसे में तीन साल के बच्चे और उसके दादा-दादी की जान चली गई। परिवार के तीन अन्य सदस्य और मदद के लिए आया एक पड़ोसी गंभीर रूप से घायल हो गए। राजधानी कीव में नागरिक बुनियादी ढांचे पर हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमले में एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई।यूक्रेनी वायु सेना ने दावा किया कि उसने 135 ड्रोन मार गिराए। पिछले महीने रूस द्वारा दागे गए लगभग 9,000 ड्रोन और मिसाइलों में से यूक्रेन 60 प्रतिशत को ही रोक पाया। जेलेंस्की ने एक्स पर पोस्ट कर रूस के खिलाफ सख्त प्रतिबंधों और अधिक एंटी-बैलिस्टि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

बारिश और कांवड़ यात्रा का डबल अटैक: दिल्ली-NCR के बॉर्डर्स पर लगा दो किलोमीटर लंबा भीषण जाम, रेंगते दिखे वाहन

1 of 4 दिल्ली-एनसीआर में भीषण जाम - फोटो : IANS खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर के शहरों में सफर करने वाले लोगों के लिए आज का दिन भारी परेशानियों भरा रहा। झमाझम बारिश और कांवड़ यात्रा के चलते किए गए रूट डायवर्जन ने दिल्ली-एनसीआर के बॉर्डर इलाकों में यातायात व्यवस्था की कमर तोड़ दी है। आलम यह है कि कई प्रमुख मार्गों और बॉर्डर क्रॉसिंग पॉइंट्स पर एक से दो किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया है, जिससे वाहन रेंगते हुए नजर आ रहे हैं। Delhi: Traffic snarl at Kalindi Kunj following heavy rainfall pic.twitter.com/ojlxgMgq5t — IANS (@ians_india) August 8, 2026 2 of 4 जाम में फंसी गाड़ियां - फोटो : IANS जलभराव ने और बढ़ाई मुसीबत सावन के महीने में कांवड़ यात्रा अब अपने चरम पर है। भारी संख्या में कांवड़िए दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजर रहे हैं। इनकी सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने कई अहम रास्तों पर बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन लागू किया है। इसके चलते यातायात का पूरा दबाव वैकल्पिक रास्तों पर आ गया है। इसी बीच, अचानक हुई तेज बारिश ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया। बारिश के कारण कई अंडरपास और सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे वाहनों की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया। Noida, Uttar Pradesh: Following the rain, a nearly 1-km-long traffic jam has formed on the road from Sector 18 Underpass towards Film City Flyover, slowing down vehicular …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

Khabaron Ke Khiladi: बांकीपुर-दतिया के नतीजे किसके लिए सबक, किसे दे गए उम्मीद; विश्लेषकों ने बताई अंदर की बात

Khabaron Ke Khiladi: बांकीपुर-दतिया के नतीजे किसके लिए सबक, किसे दे गए उम्मीद; विश्लेषकों ने बताई अंदर की बात पीयूष पंत: बांकीपुर के चुनाव ने ये दिखाया है कि चाहे भाजपा को वोट हो या राजद का वोट दोनों पीके की तरफ शिफ्ट हुआ है। मुझे लगता है कि पीके ने अपनी पहचान और अपनी प्रेजेन्स को उन्होंने दो साल पहले जो यात्रा की उससे बिहार में बना ली थी। उन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया। नीतीश के जाने के बाद बिहार में जो गैप आया है, प्रशांत किशोर उसे भरने की कोशिश करेंगे। बीते हफ्ते तीन राज्यों की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आए। बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत ने सुर्खियां बटोरीं। वहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट पर 31 साल बाद मिली भाजपा की हार ज्यादा चर्चा में है। वहीं, दतिया विधानसभा नतीजों के बाद जीतने और हारने वाले दोनों पक्ष की ओर से भीतरघात की चर्चा है। कांग्रेस की जीत और भाजपा की हार से ज्यादा यहां चर्चा नरोत्तम मिश्र की हो रही है। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इन विधानसभा उपचुनाव के नतीजों पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, पीयूष पंत, पूर्णिमा त्रिपाठी, राकेश शुक्ल और मीहिर रंजन मौजूद रहे। मिहिर रंजन: इस उपचुनाव के नतीजों का भविष्य में बड़ा असर हो सकता है। कई बार कुछ उपचुनाव सिर्फ एक सीट या सरकार के हिसाब से नहीं जनता की पल्स के हिसाब स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

Toxic Trailer Live: यश बोले- ‘यह कन्नड़ नहीं..भारतीय फिल्म’, पढ़े ‘टॉक्सिक’ ट्रेलर लाॅन्च इवेंट की पूरी अपडेट

08:32 PM, 08-Aug-2026 यश को देख बजने लगीं सीटियां यश जैसे ही मंच पर पहुंचे, वहां मौजूद लोग जोर-जोर से चिल्लाने लगे। सीटियां बजने लगीं। अभिनेता ने बंगलूरू का अभिवादन किया। वे बोले, ‘सभी का शुक्रिया। उन्होंने कहा, ‘यह कन्नड़ फिल्म नहीं है। यह भारतीय फिल्म है। इसमें सभी प्रतिभाशाली लोग हैं। यह सिर्फ यश की फिल्म नहीं है। इसमें सभी प्रतिभाशाली लोग हैं। यह फिल्म इसीलिए संभव हुई, क्योंकि इसमें सभी सफल और सक्सेसफुल लोग हैं’। यश ने आगे कहा, ‘यह फिल्म काफी कठिन है, क्योंकि कई बड़े फैसले लेने पड़े। यह कोई कमर्शियल फिल्म नहीं है। इसमें बहुत सारे लोगों की मेहनत लगी है। पैशन कभी बेकार नहीं जाता। आप इस फिल्म को देखेंगे तो जानेंगे’। यश ने अपनी पत्नी का खासतौर से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी पत्नी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मेरा दोस्त होना आसान नहीं है। किसी भी तरह मेरे साथ जुड़ा होना आसान नहीं है। यह फिल्म काफी डिमांडिंग थी। मुझे अपने कंफर्ट जोन से निकलना पड़ा। मैंने जितने भी रोल किए हैं, यह अलग था। समय की बहुत जरूरत थी। मेरी पत्नी ने बहुत मैनेज किया है। उनका बहुत सपोर्ट रहा है। मैं शुक्रगुजार हूं। कुछ भी बेकार नहीं जाएगा’। यश ने नयनतारा के लिए कहा, ‘लेडी सुपरस्टार नयनतारा ने इस फिल्म में काम किया और अपना बेस्ट दिया है। इसके लिए मैं आभारी हूं। उन्होंने इस फिल्म में वैल्यू एड किया है’। 08:29 PM, 08-Aug-2026 गीतू मोहनदास ने मां के आभार से शुरू की बातचीत फिल्म की निर्देशक गीतू मोहनदास ने कहा, ‘मैं सबसे पहले अपनी अम्मा का शुक्रिया कहूंगी, जिन्होंने मेरी बेटी का इतने साल तक ध्यान रखा। मैं अपनी मां का जितना शुक्रिया अदा करूं कम है। निर्माता वेंकट सर का शुक्रिया। फिल्म की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

बंगलूरू-मैसूरु एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा: साइन बोर्ड से टकराकर पलटी बस, दो की मौत; 25 घायल

मृतकों की पहचान केएसआरटीसी बस के चालक अरुण एनएम और कंडक्टर मिदिलेश के रूप में हुई है। दोनों कोझिकोड से चलने वाली बस में तैनात थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि चालक और कंडक्टर ने हादसे में लगी चोटों के कारण दम तोड़ दिया। घायल यात्रियों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है।प्रारंभिक जांच के अनुसार, सुबह करीब 6:30 बजे अवरगेरे गेट के पास पहुंचने पर चालक को वाहन चलाते समय झपकी आ गई होगी। इसके कारण बस पर उसका नियंत्रण नहीं रहा। इसके बाद बस बाईं ओर मुड़ी और एक्सप्रेसवे के किनारे लगाए गए एक बड़े साइन बोर्ड से जा टकराई। टक्कर के बाद बस सड़क पर पलट गई। चालक और कंडक्टर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में 25 यात्री घायल हुए हैं। इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।हादसे के बाद व्यस्त एक्सप्रेसवे पर यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। पुलिस और आपातकालीन सेवा के कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त बस को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है। इससे पहले हादसे में 14 यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। अब घायलों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

Amarnath Yatra: अब अगले साल बाबा बर्फानी देंगे दर्शन, 20 दिन पहले लगी यात्रा पर रोक; 28 अगस्त को छड़ी मुबारक

28 अगस्त को छड़ी मुबारक के साथ होगा समापन इस साल 3 जुलाई से शुरू हुई 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रही है। यात्रा का औपचारिक समापन 28 अगस्त 2026 को पवित्र छड़ी मुबारक के पूजन और आगमन के साथ होगा। चंदनवाड़ी और बालटाल से शुरू हुई थी यात्रा इस बार यात्रा अनंतनाग जिले के चंदनवाड़ी और गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग से एक साथ शुरू हुई थी। अब तक 4.8 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। बारिश से प्रभावित हुए ट्रैक के संवेदनशील हिस्से हाल में हुई बारिश के कारण यात्रा मार्ग के कुछ संवेदनशील हिस्सों में ट्रैक की मरम्मत और रखरखाव की जरूरत महसूस हुई है। इन हिस्सों को सुरक्षित बनाने का काम सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से किया जा रहा है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में खराब मौसम की संभावना भी जताई है। 9 अगस्त से दोनों मार्गों पर यात्रा रहेगी स्थगित इन परिस्थितियों को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 9 अगस्त 2026 से चंदनवाड़ी और बालटाल दोनों मार्गों से अमरनाथ यात्रा स्थगित रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक की स्थिति और मौसम को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। 28 अगस्त को पवित्र गुफा में पहुंचेगी छड़ी मुबारक वहीं, यात्रा की धार्मिक परंपरा के अनुसार छड़ी मुबारक अपने पारंपरिक पहलगाम मार्ग से आगे बढ़ेगी और 28 अगस्त को पवित्र गुफा में पहुंचने के साथ यात्रा का औपचारिक समापन होगा। मौसम और ट्रैक की स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर कश्मीर के मंडलायुक्त अंशुल गर्ग ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

Mohan Bhagwat: 'विश्वगुरु बनना है तो हाशिए के लोगों को मुख्यधारा में लाना होगा', मोहन भागवत ने क्यों कहा ऐसा?

भागवत महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के खामगांव में पारधी समुदाय के आवासीय विद्यालय में तीन खेल मैदानों के उद्घाटन के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस समुदाय को आज विमुक्त या ‘भटके-विमुक्त’ कहा जाता है, वह कभी ज्ञान देने वाला समुदाय हुआ करता था।आरएसएस प्रमुख ने कहा कि इस समुदाय के लोग निस्वार्थ भाव से अपना ज्ञान बांटने के लिए बाहर निकलते थे, लेकिन समय के साथ वे समाज के हाशिए पर चले गए। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के कारण पूरे पारधी समुदाय को ‘क्रिमिनल ट्राइब’ यानी अपराधी जनजाति के रूप में चिन्हित कर दिया गया। भागवत के मुताबिक, इसका समुदाय के विकास पर गहरा असर पड़ा और वह विकास की दौड़ में काफी पीछे रह गया।मोहन भागवत ने कहा कि एक समय भारतीय समाज पूरी तरह संगठित था, लेकिन विदेशी आक्रमणकारियों की गुलामी के कारण समाज में बिखराव पैदा हुआ। उन्होंने कहा, ‘इसके परिणामस्वरूप समाज में हाशिए पर रहने वाले समूहों की संख्या बढ़ती गई। इसके बावजूद इन समुदायों ने कभी अधीनता स्वीकार नहीं की और वे आजादी के लिए संघर्ष करते रहे।‘आरएसएस प्रमुख ने कहा कि संघ कई वर्षों से पारधी समुदाय के विकास के लिए काम कर रहा है। उन्होंने समाज के वंचित और हाशिए पर रह गए वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। कार्यक्रम में शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे भी मौजूद थे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi CM Yogi Meeting: पीएम मोदी से मुलाकात करने पहुंचे सीएम योगी, बैठक के सियासी मायनों पर टिकी नजरें

सियासी गलियारों में पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात को आगामी चुनाव की तैयारियों और पार्टी की रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। योगी आदित्यनाथ की दिल्ली यात्रा ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं को भी तेज कर दिया है। शीर्ष नेतृत्व के साथ उनकी बैठक को लेकर कई तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, मुलाकात के एजेंडे को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। चुनाव को देखते हुए राज्य की राजनीति में अभी से गतिविधियां तेज होने लगी हैं। राज्य में लगातार दूसरी बार सरकार बनाने के बाद अब पार्टी के सामने आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी सत्ता बरकरार रखने की चुनौती होगी। ऐसे में मुख्यमंत्री का शीर्ष नेतृत्व से संवाद चुनावी तैयारियों के लिहाज से भी अहम हो सकता है।योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच होने वाली मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा है। सीएम योगी और केंद्रीय नेतृत्व के बीच बातचीत को राज्य की आगे की राजनीतिक दिशा से जोड़कर देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय को हमेशा महत्वपूर्ण माना जाता है। चुनाव से पहले दोनों नेताओं के बीच बातचीत राज्य से जुड़े राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकती है।फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली दौरे ने उत्तर प्रदेश की आगामी चुनावी राजनीति को लेकर चर्चा तेज कर दी है। प्रधानमंत्री मोदी से उनकी मुलाकात के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बैठक में किन मुद्दों पर बातचीत हुई और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नेतृत्व के स्तर पर क् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

देख लो सरकार: पहले अधूरे पुल से उफनती नदी पार की, अब ट्रैक्टर-ट्रॉली से स्कूल; क्या यही है शिक्षा का सफर?

यह तस्वीर नटेरन स्थित संदीपनि विद्यालय की है। रोज सुबह आसपास के गांवों से बच्चे ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर स्कूल आते हैं। कोई अपना बस्ता संभालता नजर आता है तो कोई साथी का हाथ पकड़कर सफर करता है। खुले ट्रॉली में धूल, हिचकोले और हादसे का खतरा उनके रोजमर्रा के सफर का हिस्सा बन चुका है।स्थानीय लोगों के अनुसार पहले इन रूटों पर सरकारी बसें चलती थीं, लेकिन अब या तो बसों का संचालन बंद हो गया है या उनकी संख्या इतनी कम है कि सभी बच्चों को सुविधा नहीं मिल पाती। ऐसे में अभिभावकों ने मजबूरी में ट्रैक्टर-ट्रॉली का सहारा लेना शुरू कर दिया। संदीपनि विद्यालय योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि संसाधनों के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। लेकिन स्कूल तक सुरक्षित पहुंचने की व्यवस्था नहीं होने से योजना के उद्देश्य पर ही सवाल उठ रहे हैं।एक छात्र ने कहा कि हमें पढ़ना है। बस नहीं है तो क्या करें। ट्रॉली से ही जाएंगे, लेकिन पढ़ाई नहीं छोड़ेंगे।" बच्चों का यह जज्बा प्रेरणादायक है, लेकिन उनकी मजबूरी व्यवस्था की खामियों को भी उजागर करती है।अभिभावकों का कहना है कि वे बच्चों की पढ़ाई रुकने नहीं देना चाहते, इसलिए मजबूरी में ट्रैक्टर-ट्रॉली से उन्हें स्कूल भेज रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा है, क्योंकि खुले ट्रॉली में तेज रफ्तार और खराब सड़कों के बीच हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है। विदिशा में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी यह पहली तस्वीर नहीं है। कुछ दिन पहले पलोंह गांव का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें बच्चे बस्ता सिर पर रखकर नदी पार कर स्कूल जाते दिखाई दिए थे। अब संदीपनि विद्यालय के बच्चों का ट्रैक्टर-ट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk